दिन भर की धुप से तप कर रात का कमरा गरम है.
मैं भी गरम हूँ, तुम भी गरम हो.
cross ventilation के लिए खुली खिडकियों से,
बादलों मैं छुपता छिपाता चाँद हममे छुप छुप कर देख रहा है.
क्या चाँद भी अपनी चांदनी के लिए गरम है?
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment