Monday, March 21, 2011

थोड़ी सी हवस थोडा सा प्यार

जब से मोरे पिया गए परदेस,
आसमान में पूर्णिमा का चाँद भी आधा अधुरा नज़र आता है.
और अमावस की वो काली रात,
जिसके गुप अँधेरे में पहली बार चूमा था मैंने उनको,
दिल में एक मीठा सा दर्द पैदा कर जाती है,
और मुझे ये बताती है,
के थोड़ी सी हवस के बाद ही बहुत सा प्यार पनपता है

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