कुछ तेरे जैसा और कुछ मेरे जैसा,
उन सर्दी की रातों मैं ज़मीन पे पड़े गददे वाला प्यार.
आसमान से कुछ दूर और ज़मीन से कुछ नज़दीक,
उन सर्दी की रातों मैं ज़मीन पे पड़े गददे वाला प्यार.
याद है तुमको?
या गर्मियों के आने पर सर्दियों को भूल गयी?
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