आज आसमान मैं चाँद नज़र नहीं आता,
नज़र आता है तो सिर्फ तुम्हारा मुस्कुराता हुआ चेहरा,
जिसे पहन कर तुम टेबल के उस तरफ बैठी थी,
और गर्म चाय की चुस्की लगाते हुए याद है तुमने हल्के से कहा था,
जानू,
...मैं तुम से प्यार तो नहीं करती,
चाहती ज़रूर हूँ...
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